जौनसार-बावर में शादी की कई अनोखी परंपराएं हैं, जिनमें दुल्हन का बारात लेकर दूल्हे के घर जाना, बहुपतित्व (Fraternal polyandry) और फिजूलखर्ची रोकने के लिए सख्त नियम शामिल हैं, जहाँ अब शादियों में डीजे, मांसाहार और महंगे तोहफों पर रोक लग रही है और सिर्फ पारंपरिक रीति-रिवाज अपनाए जा रहे हैं, जो समानता और संस्कृति को दर्शाते हैं
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प्रमुख विशेषताएँ:
- दुल्हन की बारात (Jajora): कई गांवों में दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर जाती है, जो नारी समानता और सम्मान का प्रतीक है।
- बहुपतित्व (Polyandry): एक सामान्य प्रथा है जहाँ भाई एक ही पत्नी साझा करते हैं, जिसे पांडवों से प्रेरित माना जाता है, लेकिन अब यह कम हो रहा है।
- शादी के प्रकार:
- बाजिया: धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ होने वाली श्रेष्ठ शादी।
- बोईदोदी (Jojod): मध्यम स्तर की शादी।
- बेवा (Bewaa): सामान्य विवाह।
- दहेज और खर्च: दहेज का प्रचलन नहीं है, केवल दैनिक उपयोग की वस्तुएं दी जाती हैं। फिजूलखर्ची रोकने के लिए गांव वाले सख्त नियम बना रहे हैं, जिसमें डीजे, मांसाहार और महंगे उपहार प्रतिबंधित हैं और उल्लंघन पर जुर्माना लगता है।
- संस्कृति और आधुनिकता: ये परंपराएं जौनसार-बावर की अनूठी संस्कृति का हिस्सा हैं, जो महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती हैं, और अब आधुनिकता के साथ इनमें बदलाव आ रहे हैं।
आधुनिक बदलाव (Anti-Dowry & Cost-Cutting Measures):
कई गांवों में फिजूलखर्ची और दिखावा रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जैसे:
कई गांवों में फिजूलखर्ची और दिखावा रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जैसे:
- डीजे, फास्ट फूड (मोमोज, पिज्जा) पर रोक।
- पारंपरिक स्थानीय भोजन पर जोर।
- तोहफों में चावल, आटा, बकरे तक सीमित करना।
- उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सामाजिक बहिष्का